Kavita, कविता कोश, Poems, Poetry, Ghazal, Shayari In Hindi
अब जो सिर पर आ पड़े तो नहीं डरना है
जनमे है एक बार दो बार नहीं मरना है
बेवक्त,बेवजह, बेहिसाब मुस्करा देता हूँ
सारे दुश्मनों को ऐसे हरा देता हूँ
मजा तो तब है कि हम हार के भी हँसते रहे
हमेशा जीत जाना कोई कमाल थोड़ा ही है
(संकलित)
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