Followers

Saturday, 14 February 2026

साधारण लेकिन कमाल

 12/02/2025(Today's blog)

साधारण लेकिन कमाल 

इस चमक-धमक की दुनिया में, कोई तो सादगी का दीवाना होगा,

किसी के दिल में तो ठहरने का, हमारा भी ठिकाना होगा!

जो देख सके रूह को हमारी, चेहरे के नक़ाबों के बिना,

किसी की नज़रों में तो हमारी, खामोशियों का भी अफसाना होगा!

बिखरे हुए हैं हम आज भले ही, ज़माने की भीड़ में,

पर कोई तो होगा जिसे हमें, फिर से समेट कर अपनाना होगा!!

No comments:

Post a Comment

मस्त शायरी

  मोटीवेशनल शायरी  परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है  ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है मिला है हुस्न तो इस हुस्न की हिफ़ाज़त कर  सँभल के ...