12/02/2025(Today's blog)
साधारण लेकिन कमाल
इस चमक-धमक की दुनिया में, कोई तो सादगी का दीवाना होगा,
किसी के दिल में तो ठहरने का, हमारा भी ठिकाना होगा!
जो देख सके रूह को हमारी, चेहरे के नक़ाबों के बिना,
किसी की नज़रों में तो हमारी, खामोशियों का भी अफसाना होगा!
बिखरे हुए हैं हम आज भले ही, ज़माने की भीड़ में,
पर कोई तो होगा जिसे हमें, फिर से समेट कर अपनाना होगा!!
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