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Sunday, 8 February 2026

कड़वा सच

कड़वा सच

 मुझे बुरा कहने लगे वो लोग
जो कल तक अपने थे,
शायद मेरे हक़ की आवाज़ उन्हें चुभ गई,
या फिर उनके मतलब पूरे हो गए।
मुझे बुरा कहने लगे वो लोग
जो कल तक अपने थे,
बदले वो इस कदर कि अब पहचानते नहीं,
वरना कभी हम उनके सपनों के शहर में रहते थे।

दीपक शर्मा "सफर"

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