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Friday, 10 April 2026

यादें

यादें 

अच्छी यादों का आचार बनाइये और सालो साल रखिये .

हर बार थोड़ा- निकालकर,  मुँह मीठा कर लीजिये।
बुरी यादों की चटनी बनाइये और दो दिन में खाकर ख़त्म कर दीजिये ...
पछतावे का तीखापन भी उसमें घोलकर, हौले-हौले पचा दीजिये।

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