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Wednesday, 22 April 2026

तनाव

 तनाव

नरमी ज़रा नहीं है तुम्हारे स्वभाव में 
हालात फिर बिगाड़ लिये ताव-ताव में
ये ज़िन्दगी की जंग भला कैसे छोड़ दूँ
 कहता है डॉक्टर कि न रहिए तनाव में
सम्पन्नता का ज़िक्र भी देता है दुख उसे 
जीवन कटा है उसका निरन्तर अभाव में

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